हमको उससे शिकवा क्या था अब तो ये भी याद नहीं है
कैसे उसने दिल तोड़ा था अब तो ये भी याद नहीं है
कैसे उसने दिल तोड़ा था अब तो ये भी याद नहीं है
आज तो उसकी हर कमज़ोरी साफ दिखाई देती है
पहले उसमें क्या देखा था अब तो ये भी याद नहीं है
उसको हम पहचान गए हैं अंदर क्या है जान गए हैं
फिर भी धोखा क्यूँ खाया था अब तो ये भी याद नहीं है
ज़ाम था, दिल था, या फिर उनसे किया कोई एक वादा था
रात नशें मे क्या टूटा था अब तो यह भी याद नहीं है
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